कृषि में नई आधुनिक तकनीक कौनसी है?और कैसे प्रयोग करे?Which New Techniques In Agriculture and How To Use It

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कृषि हमेशा भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे प्रमुख क्षेत्र रहा है इसके अतिरिक्त भारत गेहूं, चावल, दालें, मसालों और कई उत्पादों के दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक के रूप में उभरा है। आज कोई भी क्षेत्र तकनीकी से अछूता नहीं है इसमें कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर पूरा मानव जीवन चक्र निर्भर करता है और इसमें तकनीकी का अहम योगदान है।
देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र की 15% से अधिक हिस्सेदारी है। भारत सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार और ग्रामीण विकास के लिए बेहतर मार्ग बनाने के लिए नई पहलों और कृषि कार्यक्रमों के साथ आ रही है। लेकिन,अधिकांश भारतीय किसान अभी भी मूल्यवान जानकारी और आवश्यक संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण उन्नत कृषि प्रौद्योगिक से अवगत नहीं है।

क्या है कृषि की नई तकनीक?(What is the New Techniques of Agriculture?)

(आईटी) सूचना प्रौद्योगिकी खेती में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है आईटी क्षेत्र में अभिनव विकास से किसानों को उच्च फसल पैदावार और बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन करने में मदद मिल सकती है इस पोस्ट में आपको उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी के बारे में पता चलेगा जो पूरी तरह से भारतीय कृषि को बदल सकते हैं।

जैव प्रौद्योगिकी(Bio Technology)

जैव प्रौद्योगिकी एक नई तकनीक नहीं है। लेकिन, यहां एक आवश्यक उपकरण है जिसमें अभी तक अधिक संभावना प्रकट नहीं हुई है जबकि यह किसानों को उन्नत कृषि पद्धति का उपयोग करके कम क्षेत्र पर अधिक भोजन पैदा करने की शक्ति प्रदान करता है जो पर्यावरण के अनुकूल है इसके अलावा, जैव प्रौद्योगिकी पौधो और पशु-निर्मित अपशिष्ट का प्रयोग करके खाद्य पदार्थों को पौष्टिक सामग्री में सुधार कर सकती है।

आणविक जीव विज्ञान के उदय के साथ,डीएनए-आधारित प्रौद्योगिक में कृषि उत्पादों को की गुणवत्ता में सुधार और फसल प्रजनन कार्यक्रमों की दक्षता में असाधारण क्षमता दिखाई है। डीएनए-आधारित आणविक मार्करो से वुयत्पत्र उत्पादों को दुनिया भर में व्यवसायीकरण किया जा रहा है।किसान ट्रांसजेनिक कीट प्रतिरोधक लक्षणों का उपयोग करने पर भी विचार कर सकते हैं जो प्रभावी रूप से मक्का उपज और उपज स्थिरता को बढावा दे सकते हैं। जैव प्रौद्योगिकी के फायदे विशेष रूप से सार्थक सकते हैं। जब भारतीय आबादी बढ़ रही है और भोजन की मांग अंततः बढ़ रही है।

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जैव प्रोद्योगिकि तकनीक

नैनो विज्ञान(Nano Science)

नैनो विज्ञान आधुनिक कृषि पद्धति विकास को प्रोत्साहित करने और बीमारियों को रोकने के लिए रसायनों का व्यापक उपयोग करती है। पर्यावरण के लिए हम हानिकारक होने पर नैनो तकनीकी इन पदार्थों को अधिक उत्पादक बनाने में मदद कर सकती है। नैनो टेक्नोलॉजी को छोटे सेंसर और निगरानी उपकरणों के रूप में लागू किया जाता है। जो फसल वृद्धि और मिट्टी की स्थितियों का विश्लेषण करते हैं। कृषि में खाद्य प्रसंस्करण तक, खाद्य प्रौद्योगिकी के पूरे स्पेक्ट्रम में नैनो तकनीक पहले से ही लागू हो चुकी है। यहां एक उभरती हुई तकनीक है ,जो उन समस्याओं को हल करने में सक्षम है जो जैविक विज्ञान से निपटने की संभावना नहीं है नैनो बेस्ट स्मार्ट डिलीवरी नैनो सेंसर किसान को आश्वस्त करने में मदद करते हैं। कि प्रकृति संसाधन जैसे कि पानी और पोषक तत्व कृषि में प्रभावी ढंग से उपयोग किए गए या नहीं इसके अलावा, खेत में उत्पादित भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए नैनो प्रसंस्करण और नैना बार कोड का उपयोग भी किया जा सकता है।

Nano science technology

नैनो विज्ञान तकनीक

भू-स्थानिक प्रौद्योगिकि

कृषि में नई आधुनिक तकनीक कौनसी है?और कैसे प्रयोग करे? भाग २

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2 Comments

  1. Rakesh January 8, 2019
    • abhi January 9, 2019

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