इन आसनो से कर सकते हैं नए साल की शुरुआत

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“योग एक अनुशासन है. यह चित्त और वृतियों का निरोध है|”

बहुत ऐसे लोग होंगें जो अभी तक योग-आसनो को अपने जीवन मे शामिल नही कर पइ होंगें । नए साल की शुरुआत में इसे अपनाएं। ये पांच आसन है जिससे आप शुरुआत करें-
कटीवीकासन
इसे सूश्रम आसान कहते हैं।  शारीर को गर्म करने के लिए करते हैं ताकी आसनों को शुरू करने से शारीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़े।यह वैसे ही है जैसे व्यायाम  शुरू करने से पहले वॉर्मअप करते हैं। इसमें जोड़ो का मूवमेंट, सिर, हाथ, पैरों, कमर को घूमना आदि होता है।
1.व्रजासन
जिन्होंने अब तक योग नह किया है वे व्रजासन से शुरु कर सकते हैं। व्रजासन खाने से पहले या खाने के 10 मिनट बाद कर सकते हैं। यह पेट को ठीक रखता के साथ-साथ घुटनों के लिए भी अच्छा है। मानसिक और शारिरिक फुर्ती बढाता है।व्रजासन ध्यान के लिए भी लाभदायक है।


2.जानुशीर्षासन
जानु का अर्थ घुटने ओर शीर्ष का अर्थ सिर होता है। इस के  आसन से करना से घुटनों से लेकर सिर तक  स्वस्थ रहते है। मानसिक तनाव दूर होता है।इस आसान को अपनी क्षमता के अनुसार करे या फिर 4 -5  बार ढोहरा सकते हैं।इसके करने से शरीर लचीला बनता है।

3.तितली आसान
इसमें शरीर का हर हिस्सा लचीला बनता है। रोग प्रतिरोधकता बढती है। जोड़ो के दर्द में आराम देता है।पैरों की थकान दूर हिती है साथ ही मानसिक शक्ति मजबूत होती है।यह आसन महिलाओं के लिए लाभकारी हैं। पीरियड्स या गर्भ संबंधी परेशानी में इसके करने से राहत मिलाती है।

4. पश्चिमोत्तासन

इसमे पश्चिम का अर्थ पीछे ओर उतान का अर्थ है उस हिस्से को तानना है।इसमें रीढ की हड्डी को तानते है।मेरुदंड लचीला होता है। शरीर का हर हिस्सा मजबूत होता है। चेहरे पे तेज़ आता है और हाइट बढ़ती है । पथरी ओर तनाव में भी लाभदायक है।

5.पदमासन
इसमे शरीर को कमल के आकार की तरह करना होता है।यहा कुंडलिनी जागृति करता है इसके करने से बीमारियां नही होती हैं। जिनको घुटनों में दर्द है या सायटिक की समस्या है उन्हें इस आसन के करने से लाभ मिलता है।इसमें टकने के जोड़ों में लचीलापन आता है और इसके करने से हड्डियां मजबूत होती हैं।


“योग से बड़ा कोई ऐश्वर्य नहीं, योग से बड़ी कोई सफलता नहीं, योग से बड़ी कोई उपलब्धि नहीं।” ― Ramdev 


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  1. ravi December 31, 2018

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